CM मोहन यादव की सौगात: 5 कृषि योजनाएं 10,500 करोड़ के साथ

CM मोहन यादव की सौगात: 5 कृषि योजनाएं 10,500 करोड़ के साथ

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र को नई गति देने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में, 10,500 करोड़ रुपये की लागत वाली 5 प्रमुख किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय मध्य प्रदेश के लाखों किसानों के लिए आर्थिक स्थिरता और कृषि विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

किसानों के लिए सीएम मोहन यादव की ऐतिहासिक सौगात

कृषि कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने घोषणा की कि इन योजनाओं का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-हितैषी नीतियों का प्रमाण है। अगले पांच साल तक ये योजनाएं निरंतर जारी रहेंगी, जिससे मध्य प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और उनके सशक्तिकरण के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है। विशेष रूप से उड़द और सरसों के किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा: उड़द और सरसों पर विशेष फोकस

राज्य सरकार ने उड़द और सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ठोस उपाय किए हैं:

  • उड़द (Urad): उड़द की फसल को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इसके अतिरिक्त, किसानों को खरीदी गई उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल की बोनस राशि भी दी जाएगी। यह किसानों को उड़द उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगा और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाएगा।
  • सरसों (Mustard): मध्यप्रदेश में इस वर्ष सरसों का उत्पादन 28 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है, जो लगभग 3.38 मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है। इस बढ़ी हुई उपज को देखते हुए, सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से बचाया जा सके।

31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी ये 5 प्रमुख योजनाएं

जिन पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है, वे कृषि क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं को कवर करती हैं। इन योजनाओं से किसानों को सिंचाई, खाद्य सुरक्षा, प्राकृतिक खेती और फसल उत्पादन में सहायता मिलेगी:

  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना (RKVY):

    • 2008.683 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति करना है। यह योजना राज्य सरकार के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसानों को कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप-मोर क्रॉप):

    • 2393.97 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ, यह योजना किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए शासकीय सहायता प्रदान करेगी। “पर ड्रॉप-मोर क्रॉप” का सिद्धांत कम पानी में अधिक फसल उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे पानी का कुशल उपयोग सुनिश्चित होता है।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना:

    • यह योजना देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और पोषण स्तर में सुधार लाने पर केंद्रित है। इसके तहत दलहन, तिलहन, मोटा अनाज और अन्य महत्वपूर्ण फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है। से किसानों को उन्नत बीज और तकनीक अपनाने में मदद मिलती है।
  • नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग:

    • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए यह मिशन किसानों को रसायन मुक्त खेती की ओर अग्रसर करेगा। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना, किसानों की लागत कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
  • राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना:

    • खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ, यह योजना तिलहन फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि पर केंद्रित है। इससे किसानों को तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। Dalhan Aatmanirbharta मिशन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ये योजनाएं न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेंगी बल्कि कृषि क्षेत्र को और अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Frequently Asked Questions

ये 5 योजनाएं कब तक जारी रहेंगी?

मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार, ये पांचों कृषि हितैषी योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी। इससे मध्य प्रदेश के किसानों को अगले पांच साल तक इन योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।

उड़द और सरसों के किसानों को क्या विशेष लाभ मिलेगा?

उड़द के किसानों को तय समर्थन मूल्य पर खरीद के अलावा प्रति क्विंटल 600 रुपये का बोनस मिलेगा। सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाया जाएगा, जिससे किसानों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना (RKVY) का मुख्य उद्देश्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के माध्यम से आवश्यक संसाधनों की पूर्ति करना है। इसका लक्ष्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

इन योजनाओं का मध्य प्रदेश के किसानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इन योजनाओं के जारी रहने से मध्य प्रदेश के किसानों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी, सिंचाई के उन्नत साधन उपलब्ध होंगे, खाद्य सुरक्षा और पोषण में सुधार होगा, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और दलहन व तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता आएगी। इससे कृषि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।

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