उत्तर प्रदेश कृषि हेतु बड़ा फैसला: गेहूं MSP ₹2585, खरीद 30
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल होगा, और इसकी खरीद प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक चलेगी। इस फैसले से राज्य के कृषि किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में सीधा लाभ होगा। किसानों को इस बढ़ी हुई MSP का लाभ उठाने के लिए समय पर अपने गेहूं को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचना सुनिश्चित करना चाहिए।
गेहूं MSP में बढ़ोतरी: किसानों को सीधा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को ₹160 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹2585 कर दिया है। यह वृद्धि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य के अनुरूप है और पिछले वर्ष के ₹2425 प्रति क्विंटल के MSP से काफी अधिक है। इस निर्णय से राज्य के लाखों गेहूं उत्पादक किसानों को सीधे तौर पर प्रति क्विंटल ₹160 का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
खरीद कब और कहाँ होगी?
उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। राज्य के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खरीद की जाएगी, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिलाधिकारी समय में बदलाव कर सकते हैं। खरीद प्रक्रिया में खाद्य विभाग सहित कुल 8 एजेंसियां शामिल होंगी, जिनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ प्रमुख हैं।
खरीद प्रक्रिया और लक्ष्य
सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। पहले यह लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन था, लेकिन राज्य में बेहतर गेहूं उत्पादन की संभावना को देखते हुए इसे बढ़ाया गया है। इस वर्ष लगभग 95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है और कुल उत्पादन 425 लाख टन होने का अनुमान है। यह बढ़ा हुआ लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज MSP पर बेचने का अवसर प्रदान करेगा।
किसानों के लिए अतिरिक्त लाभ और भुगतान प्रक्रिया
गेहूं खरीद में पारदर्शिता और किसानों को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई अतिरिक्त कदम उठाए हैं:
- अतिरिक्त भुगतान: किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी।
- सीधा बैंक खाता भुगतान: गेहूं का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा। यह भुगतान भारत सरकार के पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल का उपयोग करके किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- पंजीकरण अनिवार्य: गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले खाद्य विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण प्रक्रिया सुगम है और सुनिश्चित करती है कि केवल वास्तविक किसान ही MSP का लाभ उठा सकें।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के निकटतम क्रय केंद्र की जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
किसान पोर्टल विश्लेषण: उत्तर प्रदेश कृषि पर प्रभाव
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। MSP में वृद्धि सीधे तौर पर किसानों की आय में सुधार करेगी, जिससे उन्हें अपनी अगली फसल के लिए निवेश करने और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। बढ़ा हुआ खरीद लक्ष्य सुनिश्चित करेगा कि अधिक किसान अपनी फसल को उचित मूल्य पर बेच सकें, जिससे उन्हें निजी व्यापारियों के शोषण से बचाया जा सकेगा। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति किसानों में विश्वास पैदा करेगी। यह कदम अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के साथ मिलकर किसानों को व्यापक सुरक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
गेहूं बेचने के लिए महत्वपूर्ण बातें
- पंजीकरण: गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों को खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- दस्तावेज: पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी (जमीन के कागजात) और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे।
- उपज की गुणवत्ता: गेहूं बेचने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि गेहूं साफ और सूखा हो।


