प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2026: 100 जिलों में कृषि क्रांति की शुरुआत
कल्पना करें: उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले में रहने वाले किसान रामू का खेत सूखा पड़ा है, लेकिन नई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत सिंचाई सुविधा, सस्ते बीज और ऋण की मदद से उनकी फसल हरी हो रही है। 2025 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित यह योजना, 1 फरवरी 2025 को लॉन्च हुई, देश के 100 कम उत्पादकता वाले जिलों को लक्षित करती है। 24,000 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के साथ 6 वर्ष (2025-26 से 2030-31) चलने वाली यह योजना, 1.7 करोड़ किसानों को लाभ पहुँचाएगी। लेकिन क्या आपका जिला शामिल है? यह गाइड बताएगी कि योजना क्या है, पात्रता कैसे हो, लाभ क्या हैं, जिलों की सूची, आवेदन कैसे करें, और 2025 के अपडेट्स, ताकि आप अपनी खेती को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकें।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो आकांक्षी जिला कार्यक्रम से प्रेरित होकर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में पिछड़े 100 जिलों को विकसित करेगी। केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जुलाई 2025 को इसकी मंजूरी दी, और 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री द्वारा बजट में घोषणा की गई। योजना का उद्देश्य कम उत्पादकता, कम फसल गहनता और कम ऋण वितरण वाले जिलों में परिवर्तन लाना है। इसमें 36 केंद्रीय योजनाओं को 11 मंत्रालयों से जोड़कर एकीकृत किया जाएगा, जिसमें राज्य और निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
- अवधि: 6 वर्ष (2025-26 से 2030-31)।
- बजट: वार्षिक 24,000 करोड़ रुपये (कुल 1.44 लाख करोड़)।
- कवरेज: 100 जिलों में कम से कम एक जिला प्रति राज्य/केंद्र शासित प्रदेश।
- लक्ष्य: उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई सुधार, ऋण सुविधा, भंडारण क्षमता, और फसल विविधीकरण।
- निगरानी: NITI Aayog डैशबोर्ड से 117 KPIs पर मासिक ट्रैकिंग।
योजना का फोकस ‘हर खेत को पानी’ और ‘ज्यादा फसल प्रति बूंद’ पर है, जो PMKSY और PMFBY जैसी योजनाओं से जुड़ी है।
पात्रता: कौन लाभार्थी होंगे?
PMDDKY के लाभार्थी मुख्य रूप से सीमांत और छोटे किसान, भूमिहीन परिवार, महिला किसान, और युवा किसान होंगे। योजना में जिले कम उत्पादकता, मध्यम फसल गहनता, और कम ऋण वितरण के आधार पर चुने गए हैं। प्रत्येक जिले में धन-धान्य समिति (District Dhan Dhaanya Samiti) बनाई जाएगी, जिसमें प्रगतिशील किसान, अधिकारी, और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
पात्रता मानदंड
- निवास: योजना के 100 जिलों के किसान।
- भूमि: छोटे/सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक), भूमिहीन परिवार।
- वित्तीय स्थिति: कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में कृषि संसाधनों तक सीमित पहुँच वाले।
- दस्तावेज: आधार, भूमि रिकॉर्ड (खाता खतौनी), पीएम किसान आईडी (वैकल्पिक)।
- समावेश: महिला किसान, युवा, और आदिवासी प्राथमिकता।
योजना में 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा, जिसमें यूपी के 12 जिलों (महोबा, सोनभद्र, हमीरपुर, बांदा, जालौन, झांसी, उन्नाव, प्रयागराज, चित्रकूट, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, ललितपुर) से सबसे अधिक शामिल हैं। महाराष्ट्र के 9 जिले भी सूची में हैं।
लाभ: किसानों को क्या फायदा?
PMDDKY किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने पर केंद्रित है। यह 36 योजनाओं को जोड़कर संसाधनों का अधिकतम उपयोग करेगी।
मुख्य लाभ
- उत्पादकता वृद्धि: 10–15% फसल उपज बढ़ोतरी, सटीक बीज और उर्वरक से।
- सिंचाई सुधार: हर खेत को पानी, ‘ज्यादा फसल प्रति बूंद’ के लिए PMKSY एकीकरण।
- ऋण सुविधा: लॉग-टर्म और शॉर्ट-टर्म ऋण, Kisan Credit Card से लिंक।
- भंडारण क्षमता: पंचायत/ब्लॉक स्तर पर कटाई बाद सुविधाएँ।
- फसल विविधीकरण: प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा, मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड से।
- आय वृद्धि: 1.7 करोड़ किसानों को वार्षिक ₹24,000 करोड़ से लाभ।
- रोजगार सृजन: प्रोसेसिंग यूनिट्स और वैल्यू एडिशन से स्थानीय नौकरियाँ।
योजना से कम उत्पादकता वाले जिलों में राष्ट्रीय औसत तक पहुँचने से कुल उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय दोगुनी होगी। उदाहरण के लिए, यूपी के सोनभद्र में सिंचाई से गेहूं उपज 20% बढ़ सकती है।
100 जिलों की सूची: आपका जिला शामिल है या नहीं?
योजना के 100 जिलों का चयन शुद्ध फसल क्षेत्र और कार्यशील जोतों के हिस्से पर आधारित है, जिसमें कम से कम एक जिला प्रति राज्य शामिल है। यूपी में सबसे अधिक 12 जिले हैं।
प्रमुख जिलों की सूची (उदाहरण)
- उत्तर प्रदेश (12 जिले): महोबा, सोनभद्र, हमीरपुर, बांदा, जालौन, झांसी, उन्नाव, प्रयागराज, चित्रकूट, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, ललितपुर।
- महाराष्ट्र (9 जिले): [विस्तृत सूची उपलब्ध नहीं, लेकिन योजना में शामिल]।
- बिहार (5 जिले): [विस्तृत सूची उपलब्ध नहीं, लेकिन कम उत्पादकता वाले]।
- अन्य राज्य: हर राज्य से कम से कम 1 जिला, जैसे राजस्थान (3), ओडिशा (4)।
पूरी सूची upagriculture.com या NITI Aayog डैशबोर्ड पर देखें।
आवेदन कैसे करें: चरण-दर-चरण गाइड
PMDDKY में आवेदन जिला-स्तरीय योजना के माध्यम से होगा, जो 36 योजनाओं को एकीकृत करेगी। लॉन्च के बाद (अक्टूबर 2025), जिला धन-धान्य समिति स्थानीय योजना बनाएगी।
ऑनलाइन आवेदन चरण
- राज्य कृषि पोर्टल (जैसे upagriculture.com) या PMDDKY ऐप पर जाएँ।
- PMDDKY आवेदन चुनें और आधार/मोबाइल डालें।
- विवरण दें: नाम, पता, भूमि रिकॉर्ड, फसल प्रकार।
- दस्तावेज अपलोड करें: आधार, खतौनी, पीएम किसान आईडी।
- OTP सत्यापन; सबमिट करें।
- जिला समिति से अनुमोदन (15–30 दिन)।
- लाभ प्राप्त करें (सिंचाई, ऋण, बीज)।
ऑफलाइन आवेदन चरण
- स्थानीय CSC (₹15–20) या कृषि कार्यालय पर जाएँ।
- PMDDKY फॉर्म भरें, आधार और भूमि विवरण के साथ।
- दस्तावेज जमा करें: आधार, खतौनी, पीएम किसान प्रमाण।
- रसीद प्राप्त करें; CSC पर स्टेटस ट्रैक करें।
- 15–30 दिनों में अनुमोदन।
| चरण | कार्रवाई | प्लेटफॉर्म |
| 1 | पोर्टल/सीएससी | upagriculture.com/ऐप |
| 2 | आवेदन चुनें | PMDDKY आवेदन |
| 3 | आधार डालें | मोबाइल/भूमि |
| 4 | विवरण | नाम/फसल |
| 5 | दस्तावेज | आधार/खतौनी |
| 6 | सत्यापन | OTP |
| 7 | लाभ | 15–30 दिन |
सीएससी ग्रामीण किसानों के लिए उपलब्ध।
समस्याएँ और समाधान
सामान्य समस्याएँ
- जिला चयन: यदि जिला शामिल न हो, राज्य योजना से लाभ लें।
- दस्तावेज त्रुटि: आधार/खतौनी अपडेट करें।
- तकनीकी त्रुटि: कैश साफ करें या CSC पर जाएँ।
- हेल्पलाइन: 1800-180-1551 या [email protected]।
हिंदी हेल्पलाइन 90% समस्याएँ हल करती हैं।
2026 अपडेट्स: क्या नया है?
नवीनतम विकास
- लॉन्च डेट: 11 अक्टूबर 2025, नई दिल्ली में PM मोदी द्वारा।
- जिलों की सूची: 100 जिलों में यूपी सबसे अधिक (12)।
- बजट: ₹24,000 करोड़ वार्षिक।
- एकीकरण: 36 योजनाएँ, 11 मंत्रालय।
- निगरानी: NITI Aayog डैशबोर्ड, 117 KPIs।
योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ।
सवाल-जवाब
upagriculture.com पर PMDDKY, पीएम किसान, पीक विमा जानकारी।

