हरियाणा में स्मार्ट कृषि सिंचाई तकनीक समिट 2026 की घोषणा

हरियाणा कृषि में स्मार्ट इरिगेशन टेक समिट 2026

हरियाणा में किसानों को जल संकट, घटते भूजल स्तर और बढ़ती कृषि लागत जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 31 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक तोशाम, जिला भिवानी में “स्मार्ट इरिगेशन टेक समिट 2026” का आयोजन किया जाएगा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम राज्य में जल-कुशल और तकनीक आधारित कृषि को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा, जिससे किसान आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाकर अपनी पैदावार बढ़ा सकें और संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकें।

स्मार्ट इरिगेशन टेक समिट 2026 क्या है?

यह समिट हरियाणा सरकार की Micro Irrigation & Command Area Development Authority (MICADA), इरीगेशन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इरीगेशन एसोसिएशन ऑफ हरियाणा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा में सूक्ष्म सिंचाई, ऑटोमेशन और प्रिसिजन एग्रीकल्चर तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह किसानों, सरकारी अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और शोध संस्थानों को एक मंच पर लाएगा ताकि जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

समिट के प्रमुख उद्देश्य

इस समिट के माध्यम से कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जो सीधे तौर पर हरियाणा की कृषि प्रणाली को सशक्त करेंगे:

  • आधुनिक तकनीकों का प्रसार: जल प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए नवीनतम सिंचाई तकनीकों, जैसे कि IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फर्टिगेशन (सिंचाई के साथ उर्वरक देना) और स्वचालित सिंचाई प्रणालियों के बारे में जानकारी प्रदान करना।
  • नवाचारों का प्रदर्शन: अत्याधुनिक सिंचाई समाधानों और उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित करना ताकि किसान उन्हें करीब से देख और समझ सकें।
  • साझेदारी को मजबूत करना: उद्योग जगत और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, जिससे नई तकनीकों को खेत तक पहुंचाने में मदद मिल सके।
  • सरकारी योजनाओं का समन्वय: राज्य की सिंचाई पहलों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) और जलवायु-सहिष्णु कृषि के वैश्विक लक्ष्यों के साथ जोड़ना।
  • जागरूकता बढ़ाना: जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्मार्ट सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए किसानों में जागरूकता पैदा करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर देना।

कार्यक्रम में क्या-क्या होगा?

दो दिवसीय “स्मार्ट इरिगेशन टेक समिट 2026” में किसानों और हितधारकों के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ होंगी:

  • उच्च स्तरीय सम्मेलन: नीतिगत मुद्दों और सिंचाई क्षेत्र में नवाचारों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
  • प्रदर्शनी: आधुनिक सिंचाई उपकरणों, जैसे ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम, सेंसर-आधारित नियंत्रण प्रणालियों आदि का प्रदर्शन किया जाएगा।
  • इंटरैक्टिव डेमो: किसानों को इन तकनीकों को कैसे उपयोग करना है, इसके व्यावहारिक प्रदर्शन दिखाए जाएंगे।
  • तकनीकी सत्र: विशेषज्ञ विभिन्न स्मार्ट सिंचाई तकनीकों के लाभ और उन्हें अपनाने के तरीकों पर जानकारी देंगे।
  • एक्सीलेंस अवॉर्ड्स: टिकाऊ कृषि में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे दूसरों को प्रेरणा मिलेगी।

किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?

यह समिट हरियाणा के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। घटते भूजल स्तर और अनियमित बारिश की चुनौती के बीच, स्मार्ट सिंचाई तकनीकें पानी के उपयोग को कम करके, पैदावार बढ़ा सकती हैं और किसानों की आय में वृद्धि कर सकती हैं। किसान यहाँ न केवल नई तकनीकों के बारे में जान पाएंगे, बल्कि विशेषज्ञों से सीधे सलाह भी ले सकेंगे। आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए कई सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, जैसे कि PM Kisan, जो किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana जैसी फसल बीमा योजनाएं भी किसानों को जोखिम से बचाती हैं, खासकर जब वे नई खेती विधियों को अपनाते हैं। अपने खेत के लिए उपकरण खरीदने या तकनीक अपनाने के लिए किसान Kisan Credit Card का लाभ उठा सकते हैं।

हरियाणा में कृषि और जल प्रबंधन का भविष्य

हरियाणा सरकार इस समिट के माध्यम से टिकाऊ सिंचाई के ऐसे मॉडल विकसित करना चाहती है जो न केवल राज्य में पानी की बचत करें, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से भी मजबूत करें। यह पहल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य ‘हर खेत को पानी’ और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ सुनिश्चित करना है। इस समिट के सफल आयोजन से हरियाणा में आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की गति तेज होगी और राज्य जल सुरक्षा एवं खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार के आधिकारिक कृषि पोर्टल पर जा सकते हैं: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

इस आयोजन से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जुड़ने और अपने खेतों में इन्हें लागू करने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी आय और कृषि उत्पादन दोनों में वृद्धि होगी।

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